आजकल की बाते

यह बात तब की है जब भारत पर अंग्रेजो का शासन था ,उस समय एक उच्च कोटि के साहित्यकार व विद्वान थे -राजा शिवप्रसाद ,कहते है की वे इतने गुणी  थे की अग्रेज सरकार भी उनसे प्रभावित हुए बिना ना रह सकी .उन्हें सितारे हिन्द की पदवी से सम्मानित किया गया था .इस ख़ुशी में एक जलसा निकाला गया कि अग्रेंजो ने किसी भारतीय को सितारे को सम्मान  दिया है .जब यह जलसा एक स्थान से गुजर रहा था तो वहाँबैठे एक फ़क़ीर ने मस्त अंदाज में राजा  शिवप्रसाद से कहा -जो कभी सूरज हुआ करता था आज वह बौना सा सितारा बनने पर उत्सव मना रहा है …तू अपने प्रखर तेज ,शौर्य का आकलन नही कर पाया शिवप्रसाद .तभी तो अंग्रेजो के अधीन काम किया और उन्होंने तुझे  सूरज से नगण्य सितारा बना दिया .यह ख़ुशी की नही दुःख की बेला .

गहन चिंतन करे तो हम पाएंगे की इन वाक्यों में गूढ़ तथ्य है राजा शिवप्रसाद जैसी भूल आज हर भारतीय कर रहा है .भारत की संस्कृति का तेज सूर्य के समान प्रखर है .पर इस सत्य से हम लोग जैसे अंजन है .हम अपनी संस्कृति ,मूल्यों ,आदर्शो की महिमा नही गाते है .बल्कि यदि कोई उसमे कोई कमी निकल दे तो हम उसका मुल्य्कन करने बैठ जाते है .आज की ही बात ले लीजिये खबर आ रही है की ९० के दशक में दूरदर्शन पर चलने वाला कार्यक्रम जो आज कल lockdown के समय में दोबारा प्रसारित हो रहा है ,व्यूज के मामले में पुरे वर्ल्ड के कार्यक्रमों का रिकार्ड तोड़ दिया है ,16 अप्रैल को प्रसारित हुआ कार्यकम  करीब 77 मिलिउन लोगो ने देखा .जब की अब तक का रिकार्ड game of thronse [वेस्टर्न में प्रसारित होने वाला एक कार्यक्रम ] के नाम है .तो मै  कहना चाहता हूँ की हमे अपने संस्कृति रीतिरिवाज का सम्मान करते हुए पालन करना चाहिए .आजकल सोसल मिडिया पर एक दौर चल रहा है लोगो की धार्मिक आस्था को चोट पहुचाना लोग काफी पढ़े लिखे होने के बावजूद भी इस तरह की पोस्ट शेयर कर देते है की आपको उनके इतना पढ़े लिखे होने पर अविश्वाश होने लगेगा .. मै ब्लॉग पर लिखने को नियमित रूप से सोच रहा हूँ देखते है मै भी इस कोरोना काल  में उत्तर प्रदेश के नॉएडा में फंसा हुआ हूँ .सोच रहा हूँ रोज ब्लॉग पर बिताया जाए क्या कहते है आप लोग …..

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Published by Ashish Mishra

मेरा नाम आशीष कुमार मिश्र है ,मैं दिल्ली में रहकर पिछले छह महीने से गवर्मेंट जॉब की तैयारी कर रहा हूं मेरा मूल निवास उत्तर प्रदेश के ही जौनपुर जिला है जो प्रयागराज और बनारस से सटा हुआ जिला है ,इस ब्लॉग का उद्देश्य केवल और केवल मेरी अभिव्यक्ति और नैतिक मूल्यों के समझ को तराशना है ,ब्लॉग के ज्यादातर मुद्दे आसपास के जीवन में होने वाले हलचलों के उपर रहेंगे आप मुझसे जुड़े रहे , स्वस्थ रहे खुश रहे ।।

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